नाम के बारे में
नाम: “Peace” — “शांति”। यह नाम Conard-Pyle (पेन्सिल्वेनिया, USA) ने दिया और इसे 29 अप्रैल 1945 को सार्वजनिक रूप से घोषित किया गया — उसी दिन बर्लिन गिरा। Field Marshal Alan Brooke (ब्रिटिश सेना) ने नाम पर अपना अधिकार छोड़ दिया और “Peace” को अधिक “शाश्वत” नाम के रूप में सुझाया। अलग-अलग देशों में इस किस्म के 4 नाम हैं: 🇫🇷 Mme A. Meilland (Francis Meilland की दिवंगत माता Claudia Dubreuil Meilland के सम्मान में), 🇩🇪🇻🇦 Gloria Dei (लैटिन “Glory of God”), 🇮🇹 Gioia (इतालवी “Joy”)।
प्रजनन: Francis Meilland (1912–1958) ने Meilland International (फ़्रांस) में प्रजनन किया। संकरण 1935–1939। बचाव की एक नाटकीय कहानी: फ़्रांस पर नाज़ी कब्ज़े की आशंका में Meilland ने 1939 में गुप्त रूप से इटली, तुर्की, जर्मनी और USA के सहयोगियों को कटिंग भेजीं। कब्ज़े वाले फ़्रांस से निकले आख़िरी विमान ने कटिंग Robert Pyle (Conard-Pyle Co., पेन्सिल्वेनिया) तक पहुँचाईं। देशों के बीच संचार टूट जाने के कारण हर देश में इस गुलाब को अपना अलग नाम मिल गया। फ़्रांस में 1942 और USA में 1945 में प्रस्तुत। वंश: ((George Dickson × Souvenir de Claudius Pernet) × (Joanna Hill × Charles P. Kilham)) × Margaret McGredy। US Patent No. PP 591 (15.06.1943) — USA के सबसे शुरुआती गुलाब पेटेंटों में से एक।
महत्व: WFRS Hall of Fame 1976 — World Federation of Rose Societies द्वारा चुनी गई पहली किस्म, जिसने यह परंपरा ही शुरू की। अप्रैल 1945 में सैन फ़्रांसिस्को में संयुक्त राष्ट्र की स्थापना बैठक में हर प्रतिनिधि को Peace गुलाब दिया गया, साथ में संदेश: “We hope the rose Peace will influence people's thinking about lasting world peace.” 1992 तक 100 मिलियन से अधिक झाड़ियाँ बिकीं — इतिहास में सबसे सफल व्यावसायिक गुलाब। 8 बड़े अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार: Portland Gold 1944, AARS 1946, ADR 1947, ARS Gold 1947, UK RNRS Gold 1947, Golden Rose of The Hague 1965, RHS AGM 1993, WFRS HoF 1976। इसके पिता Francis Meilland का 1958 में 45 वर्ष की आयु में निधन हो गया — Peace उनकी सबसे बड़ी विरासत बना। Peace के बिना आधुनिक व्यावसायिक गुलाब प्रजनन नहीं होता।








